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INTRODUCTION TO IPC 504 in hindi:

IPC धारा 504 In Hindi- “शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना“(Section 504 in The Indian Penal Code Intentional insult with intent to provoke breach of the peace.)

IPC 504 in hindi: धारा 504 के अनुसार“जो कोई किसी व्यक्ति को साशय अपमानित करेगा और एतद्द्वारा उस व्यक्ति को इस आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए, प्रकोपित करेगा कि ऐसे प्रकोपन से वह लोकशांति भंग या कोई अन्य अपराध कारित करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा”

भारतीय दंड संहिता की धारा 504 के अनुसार, जो कोई भी किसी व्यक्ति को उकसाने के इरादे से जानबूझकर उसका अपमान करे, इरादतन या यह जानते हुए कि इस प्रकार की उकसाहट उस व्यक्ति को लोकशांति भंग करने, या अन्य अपराध का कारण हो सकती है को किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है या आर्थिक दंड या दोनों से दंडित किया जाएगा

IPCधारा 504 के अनुसार

धारा 504 का स्पष्टीकरण

यह धारा अपशब्द एवं अपमानित भाषा के प्रयोग के विरुद्ध उपचार प्रदान करती है।

आईपीसी(Indian Penal Code) की धारा 504 का उद्देश्य अपमानजनक भाषा के जानबूझकर उपयोग को अपमान के रूप में रोकना है, जिससे उस व्यक्ति को उकसाया जाता है जिसके खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल शांति भंग करने के लिए किया जाता है।

इस खंड में, यह दिखाया गया है कि कैसे एक व्यक्ति दूसरे को अपराध करने के लिए उकसा सकता है जो कि आपराधिक प्रकृति का है और जो बड़े पैमाने पर सार्वजनिक शांति को नुकसान पहुंचा सकता है।

अपमान’ मानहानि से ही मिलता-जुलता एक अपराध है। व्यवहार में दोनों अपराध एक-जैसे लगते हैं, पर वास्तविक रूप से इन दोनों में अन्तर पाया जाता है, जो निम्नलिखित हैं ।

  • मानहानि का उद्देश्य किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को क्षति कारित करना होता है, जबकि अपमान में किसी व्यक्ति को शान्ति-भंग करने के लिए उत्प्रेरित करने का आशय होता है।
  • मानहानि में मानहानिकारक वेषय का उस व्यक्ति के, जिसकी मानहानि होती है, अतिरिक्त प्रकाशन होना आवश्यक है परन्तु अपमान प्रत्यक्ष रूप से उसी व्यक्ति का होता है।

किसी सत्य कथन से मानहानि नहीं होती परन्तु सत्य कथन से अपमान हो सकता है।

इस धारा की प्रयोज्यता के लिए निम्नलिखित दो बातें आवश्यक हैं

  1. साशय किसी व्यक्ति को अपमानित करना और एतद्द्वारा उसे प्रकोपित करना, एवं
  2. अपमानित करने वाले व्यक्ति द्वारा यह जानते हुए या यह सम्भाव्य जानते हुए प्रकोपित करना कि ऐसे प्रकोपन से वह लोक शांति को भंग करेगा या अन्य कोई अपराध कारित करेगा।

अपमान शब्दों द्वारा या आचरण द्वारा किया जा सकता है।

जहाँ शब्दों द्वारा अपमान कारित किया जाये, वहाँ शब्दों का सामान्य अशिष्ट शब्दों से गम्भीर होना चाहिये, केबल शिष्टाचार का भंग धारा 504 के अन्तर्गत अपराध गठित नहीं करता।

IPC की धारा 504 के मामले

जब आरोपी ने शिकायतकर्ता को इस तरह से गाली दी जिसमें उसकी मां या बहन का चरित्र शामिल है, तो ऐसा कृत्य आईपीसी की धारा 504 के दायरे में आता है। इन रे करुमुरी वेंकटरत्नम ( In Re Karumuri Venkatratnam[1])  के मामले में भी यही बात कही गई थी।

Case, Basappa Sanikop v. The State Of Karnataka जिसमे ससुर ने अपने दामाद के खिलाफ मोबाइल फ़ोन से उकसाने वाले अपमानजनक शब्दों के विरुद्ध केस किया था।

सजा

इस धारा के तहत अपराध करने के लिए संहिता में प्रदान की गई सजा 2 साल की कैद या जुर्माना है, या दोनों शामिल हो सकते हैं। यह गैर – संज्ञेय होने के साथ-साथ जमानती अपराध है, जिस पर किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचार किया जा सकता है।

IPC 504 IN ENGLISH

Section 504 IPC: Intentional insult with intent to provoke breach of the peace.—”Whoever intentionally insults, and thereby gives provoca­tion to any person, intending or knowing it to be likely that such provocation will cause him to break the public peace, or to commit any other offence, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.


[1] https://indiankanoon.org/doc/1028764/

Read: Best Books for IPC for judiciary

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